One Reply to “सुराज का भइल”

  1. भोजपुरी गीत गजल के पुस्तक “सुराज का भइल” डॉ. इकबाल जी के जीवन के यथार्थ अनुभूतियों के बारे में एगो गुलदस्ता बा , जउन आपके सामने परोसल गइल बा। आप सभे पढ़ी जनवादी सरोकार वालन गीतन का भरमार बाटे।।

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