Page 132 - Bhojpuri Ke Manyata Deyin Ye Sarkar
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Hkkstiqjh [kkfrj dqN joqavks pyh


                                  क ु छ रवुुंओ चलीं क ुछ हमह ुं चलीं

                                  सब के ह  तमतलए क े चले क े परी

                                  दूसरा खातिर ना नइखे चलि केह

                                  अपना खातिर ि चलहीं क े चाहीं।


                                  अपन भाषा भोजपुरी खातिर अब
                                  सबके  सुंघषष खूबे करहीं क े ि परी ।


                                  चाहे अकेला चाहे चलीं रहीं दूके ला
                                  अपन भाषा खातिर उठहीं क े पडी।

                                  भला बिाई ुं  सरकार का जानि बा

                                  तक िोहनी लोगन क े का चाहीं।

                                  जवन लोगवा सरकार से माुंग करी

                                  सरकार भी अमल करबे ि करी।

                                  आई ुं  हमनी एक होके माुंगल जाव

                                  भाषा भोजपुरी हमनी क े माई ह।








                                                      Hkkstiqjh ds ekU;rk nsbZa , ljdkj! | 130
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