Author: रवीन्द्र श्रीवास्तव 'जुगानी भाई'

भोजपुरी कविताई क पंचामृत

कलम बना के बाँसुरी

ई कइसन धवहा सन्नाटा

अबहिन कुछ बाकी बा

नोकियात दूबि