बतकही : “प्रकाश उदय ” आ “निराला बिदेसिया”

प्रकाश उदय —-” बतकही : “प्रकाश उदय ” आ “निराला बिदेसिया” ”

हति हति फूलवा केतना सोभे ……. (प्रकाश उदय )

प्रकाश उदय —-” हति हति फूलवा केतना सोभे ………..”

रोपनी के रउंदल देहिया सांझ ही निनाला ……… (प्रकाश उदय )

प्रकाश उदय —-” रोपनी के रउंदल देहिया सांझ ही निनाला ……….”

प्रकाश उदय : बड़ा बड़ा फेरा बा …..

प्रकाश उदय —-” बड़ा बड़ा फेरा बा …..”

कि मन से धक हो गइल बा बुढ़ौती निहार के ….. _____(तंग इनायतपुरी )

तंग इनायतपुरी —-” कि मन से धक हो गइल बा बुढ़ौती निहार के ….. (भोजपुरी गज़ल)”

नया जमाना के सोच सगरी गजल के तेवर पलट रहल बा ………….. (तंग इनायतपुरी )

तंग इनायतपुरी —-” नया जमाना के सोच सगरी गजल के तेवर पलट रहल बा ………….. (भोजपुरी गज़ल)”

दिखाई देता ओही के भीतर जे नइखे लउकत उ के ह साहेब …….. (तंग इनायतपुरी )

तंग इनायतपुरी —-” दिखाई देता ओही के भीतर जे नइखे लउकत उ के ह साहेब …….. (भोजपुरी गज़ल)”

कृष्ण कुमार — “सखी मिली यशोदा रानी ____ (सोहर)”

कृष्ण कुमार — “सखी मिली यशोदा रानी ____ (सोहर)”

” कचहरी के कचहरन “

” कचहरी के कचहरन ” – तंग इनायतपुरी के जुबानी : एगो आलेख “बात के बतंगड़” से

” बनियापुर के मेला “

“बनियापुर के मेला” – तंग इनायतपुरी के जुबानी : एगो आलेख “बात के बतंगड़” से